
आइने में भी अब तो तस्वीर नही दिखती
हर जगह बस तेरा ही चेहरा नज़र आता है
कैसे जगह बनाऊँ तेरे दिल में अपने लिए
वहाँ तो पहले ही कड़ा पहरा नज़र आता है
आया था तेरे पास, प्यार का समंदर समझ कर
करीब से देखा, तेरा दिल भी सेहरा नज़र आता है
चाहे बता न पाऊँ तुझसे कितना प्यार करता हूँ मैं
अपना प्यार मुझे समंदर से भी गहरा नज़र आता है
नही छलकते हैं आंसू पलकों से बेशक लेकिन
गमों का सैलाब इनमें भी ठहरा नज़र आता है
हर जगह बस तेरा ही चेहरा नज़र आता है
कैसे जगह बनाऊँ तेरे दिल में अपने लिए
वहाँ तो पहले ही कड़ा पहरा नज़र आता है
आया था तेरे पास, प्यार का समंदर समझ कर
करीब से देखा, तेरा दिल भी सेहरा नज़र आता है
चाहे बता न पाऊँ तुझसे कितना प्यार करता हूँ मैं
अपना प्यार मुझे समंदर से भी गहरा नज़र आता है
नही छलकते हैं आंसू पलकों से बेशक लेकिन
गमों का सैलाब इनमें भी ठहरा नज़र आता है
