देखा जब हमने आसमान को तो अफ़साने बदल जाते है
सोचता हूँ एक हसीं शाम तो सितारे बदल जाते है
राह पे बेठे थे हम नज़ारे बिछाये किसीकी
पर वो है की कम्बक्त रास्ते बदल जाते है
याद आती है उनकी आंसू भी आती है पलकों पर
पर हर सुबह की शुरुआत में ईरादे बदल जाते है
दिल की आरजू है वो भी कभी चुप के से देखे हमे
पर उनकी हर अदा में उनके इशारे बदल जाते है
रखा था हमने उनको दिल के बहुत करीब
पर वो आते ही नही ये ज़माने बदल जाते है
कहते है इंतज़ार एक मलहम है दर्द -ऐ -दीवानगी का
पर कभी कभी इन्तेज़ार में दीवाने बदल जाते है
अगर तकनी ही है राह किसी की तो
मौत की तको बेवफा नही वो उस जालिम की तरह
पर फिर भी कुछ कह नही पाते
जालिम दुनिया में तो अपने तक बदल जाते है
देखा जब हमने आसमान को तो अफ़साने बदल जाते है
सोचता हूँ एक हसीं शाम तो सितारे बदल जाते है
Friday, April 17, 2009
Subscribe to:
Post Comments (Atom)

No comments:
Post a Comment