Sunday, April 19, 2009

कभी पलकों पे आंसू है , कभी लब पे शिकायत है
मगर ऐ ज़िन्दगी मुझे तुम से मोहब्बत है

जो आता है वो जाता है, ये दुनिया आनी जानी है
यहाँ हर शय मुसाफिर है, सफर में जिंदगानी है
उजालो की जरूरत है, अँधेरा मेरी किस्मत है,
मगर ऐ ज़िन्दगी मुझे तुम से मोहब्बत है

ज़रा ऐ ज़िन्दगी थम ले , तेरा दीदार तो कर लू,
कभी देखा नही जिसको उसे प्यार तो कर लू,
अभी से छोड़ के मत जा अभी तेरी जरूरत है।
मगर ऐ ज़िन्दगी मुझे तुम से मोहब्बत है

कोई अनजान सा चेहरा उभरता है फिजाओं में ,
ये किसकी आहटें जगी मेरी खामोश राहों में,
अभी ऐ मौत मत आना, मेरा ठिकाना जन्नत है,
क्यूंकि ऐ ज़िन्दगी मुझे तुम से मोहब्बत है......

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