
जो है अंदर वो बाहर क्यू नही आता ,
है तो दोस्त हज़ारो , पर क्यू में हमेशा अपने को अकेला पाता !
है ना कोई कमी , ना कोई मजबूरी ,
पर अब नही सही जाते मुझसे ये दूरी !
मुझे नही पता प्यार क्या होता है,
मुझे नही पाता इश्क़ क्या होता है ;
पर क्या करू ये दिल हमेशा तेरी याद में रोता हैं !
नही मालूम की तुझसे कभी मिल पाऊँगा ,
नही मालूम की तुझसे कभी कह पाऊँगा ,
बस इतना पता है की तुझे हमेशा खुश चाहूँगा !
एक अरसा हुआ तुझसे मुलाकात हुए ,
अब तो सिर्फ़ तेरी तस्वीर से बात करता हूँ ,
सोचता हूँ तू उसमे सुन लेगी ,
इसलिए दिन रात अब उससे ही इज़हार करता हूँ!

ab main puchun kiske liye
ReplyDeletepooch na.........pooch na......:)
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