
क्या बताये हम कि क्या हुआ है
सुलगता हुवा दिल का आशिया है।
कही दम घुट ना जाए सीने मे
हर एक पल धुंआ ही धुंआ है।
वादों - कसमो की लाज रखनी है
हम कैसे कह दे कि तू बेवफा है।
मुझको ना यादो पे यकी है अब
ख्यालो से ही बस अब गिला है।
मेरे दिल मे तेरी चाहत है अब भी
मगर तेरा ख्वाब कोई दूसरा है।।

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