हर अश्क के पीछे कहानी भी है
जल जाता है, डूब जाता है कोई
इश्क़ आग है और पानी भी है
सब कहूँ पर हाल-ए-दिल ना कहूँ
अजब मेरी ये बेज़ुबानी भी है
तेरा संग याद है मुझे
मेरे माथे पर इसकी निशानी भी है
है हर रंग का गम जहाँ में
कुछ का रंग आसमानी भी है
सुना कल छोड़ गया 'मायूस' यह शहर
इस बस्ती में अब कहीं वीरानी भी है
