पलकों पे आँसू को सजाया न जा सका
उस को भी दिल का हाल बताया न जा सका
ज़ख्मों से चूर चूर था यह दिल मेरा
एक ज़ख्म भी उस को दिखाया न जा सका
जब तेरी याद आई तो कोशिश के बावजूद
आँखों मैं आंसुओं को छुपाया न जा सका
कुछ लोग ज़िन्दगी मैं ऐसे भी आये हैं
जिन को किसी भी लम्हे भुलाया न जा सका
बस इस ख़याल से कहीं उस को दुःख न हो
हम से तो हाल-ऐ-गम भी सुनाया न जा सका
वो मुस्कुरा रहा था मेरे सामने मगर
चेहरे का रंग उस से छुपाया न जा सका

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