बस यही हकीकत है
और सब फ़साना है
दिल का खून करने का
प्यार एक बहाना है,
ख्वाहिशो के जंगल में
हसरतों के दायरे है
अनगिनत मुसाफिर है
अनगिनत लुटेरे है,
आशिकों की भीड़ में
क़त्ल-ऐ-दिल का मेला है
आदमी अकेला था
आदमी अकेला है......
मैं तो बस सच्चाई बयाँ कर रहा हूँ... टूटे टुकडो की तामीर बयाँ कर रहा हूँ... ये हमारे रिश्तें का फ़साना ही है... इस फ़साने की अहमियत बयाँ कर रहा हूँ!!!
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