
अपने आप में सिमट कर रहें
कि आपे से बाहर हो कर रहें !!
बड़े दिनों से सोच रहे हैं कि
हम अब यहाँ रहें या वहाँ रहें !!
दुनिया कोई दुश्मन तो नहीं
दुनिया को आख़िर क्या कहें !!
कुछ चट्टान हैं कुछ खाईयां
जीवन दरिया है बहते ही रहे !!
कुछ कहने की हसरत तो है
अब उसके मुंह पर क्या कहें !!
जो दिखायी तक भी नहीं देता
खुदा के लिए हम चुप ही रहें !!
बस इक मेहमां हैं हम "दोस्त "
इस रिश्ते में हम तमीज से ही रहें !!

is it another way f sayin sorry...
ReplyDeleten showing ur guilt...??
I suppose both....
ReplyDeleteI m sorry....coz of guilt tht i have in my heart......